शेर 

एक तुम बस सच्चा अफ़साना हो


वरना मेरी ज़िंदगी एक झूठ के सिवा कुछ भी नही

काश मेरी ज़िंदगी भी इतनी आसान होती


जो हर पल तू मेरे साथ होती

मारेगी तेरी खामोशिया, कम्बख़्त तेरे जाने के बाद भी


ए हसीं कुछ पल बाते रुखसत से पहले भी कर ले

टूटे ख्वाब सोच बदल देते है


और बिखरे रिश्ते ज़िंदगी

एक दुनिया है जो एक दूजे की हो रही है


और एक हम है जो खुद के भी ना हो सके

कहते है , खुशी से मर ही जाते है उनकी बाहों मे


कोई हमे भी राह दिखा दीजिए , बेजार हो गया हू ज़िंदगी से

है इश्क़ आग का दरिया तो क्या


खाक भी हुए तो समाना उसी मे है

Shayar |Blogger|Writer

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